संगीत और हमारा जीवन

शास्त्रीय संगीतः जातिवाद का दौर हुआ ख़त्म?

शास्त्रीय संगीतः जातिवाद का दौर हुआ ख़त्म?

एक सभा में कर्नाटक संगीत का कार्यक्रम चल रहा है. काफी सारे बुजुर्ग और संगीत के जानकारों के बीच एक दो विदेशी भी बैठे हैं. जैसे ही एक कार्यक्रम ख़त्म होता है, वे वहां से दूसरी जगह भागते हैं- एक और गायक को सुनने या एक और नृत्य देखने के लिए.

चेन्नई में दिसंबर और जनवरी के महीनों में एक खासियत है- इस समय यहाँ हर जगह शास्त्रीय संगीत की धुन गूंजती रहती है. 'मार्गड़ी' नाम का यह तमिल महीना यहाँ 'म्यूज़िक सीज़न' के नाम से मशहूर है.

इस समय सैकड़ों ऐसे कार्यक्रम होते हैं. यहाँ तक कि कुछ संगीत प्रेमी अपनी साल की छुट्टियां भी शास्त्रीय संगीत के लिए ही लेते हैं. Read More : शास्त्रीय संगीतः जातिवाद का दौर हुआ ख़त्म? about शास्त्रीय संगीतः जातिवाद का दौर हुआ ख़त्म?

छुटकारा पाना है गुस्सा, तनाव से तो सुनिए राग दरबारी और भीमपलासी

गले में सूजन, पीड़ा, खुश्की

गले में सूजन, पीड़ा, खुश्की

अक्सर ज्यादा धूम्रपान करने (बीड़ी, सिगरेट पीने से), शराब पीने, खाने में ठंडी चीजे खाने से, ठंडी चीजों के खाने के बाद तुरंत ही गर्म चीजें खाने से, पेट में बहुत ज्यादा कब्ज रहने से, कच्चे फल खाने या फिर नाक तथा गला खराब करने वाली चीजों को सूंघने से, अम्लीय (खट्टे) चीजों को खाने से या ज्यादा देर तक बातें करने के कारण गले में खराबी आ जाती है जिससे गले में सूजन, दर्द, खुश्की तथा थूक निगलने में परेशानी या गला बैठ जाना आदि रोग पैदा हो जाते हैं।

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वैदिक विज्ञान ने भारतीय शास्त्रीय संगीत'रागों' में चिकित्सा प्रभाव होने का दावा किया है।

वैदिक विज्ञान ने भारतीय शास्त्रीय संगीत'रागों' में चिकित्सा प्रभाव होने का दावा किया है।

प्राचीन काल से ही संगीत को बारंबार चिकित्सीय कारक के रूप में उपयोग में लाया जाता रहा है। भारत में संगीत, मधुर ध्वनि के माध्यम से एक योग प्रणाली की तरह है, जो मानव जीव पर कार्य करती है तथा आत्मज्ञान की हद के लिए उनके उचित कार्यों को जागृत तथा विकसित करती हैं, जोकि हिंदू दर्शन और धर्म का अंतिम लक्ष्य है। मधुर लय भारतीय संगीत का प्रधान तत्व है।'राग' का आधार मधुर लय है। विभिन्न'राग' केन्द्रीय तंत्रिका प्रणाली से संबंधित अनेक रोगों के इलाज में प्रभावी पाए गए हैं। चिकित्सा के रूप में संगीत के प्रयोग करने से पहले यह अवश्य पता करना चाहिए कि किस प्रकार के संगीत का उपयोग हो. Read More : वैदिक विज्ञान ने भारतीय शास्त्रीय संगीत'रागों' में चिकित्सा प्रभाव होने का दावा किया है। about वैदिक विज्ञान ने भारतीय शास्त्रीय संगीत'रागों' में चिकित्सा प्रभाव होने का दावा किया है।

रागों में छुपा है स्वास्थ्य का राज

रागों में छुपा है स्वास्थ्य का राज

भारतीय संस्कृति को अपनी परम्पराओं, विशालता, जीवन्तता के कारण सर्वत्र सराहा गया है व विश्वभर में विद्यमान संस्कृतियों में श्रेष्ठतम माना गया है । भारतीय संस्कृति ने प्राचीन काल से ही विदेशियों को प्रभावित किया है । भारतीय चिन्तन के अनुसार भारतीय सभ्यता व संस्कृति की संवाहक हैं कलाएं । जीवन में सकारात्मक प्रवृत्ति, उल्लास व उत्साह भरने के लिए कलाएं मनुष्य को सदैव प्रेरित करती आई हैं जिनमें से सबसे उत्कृष्ट ललित कलाओं को माना गया है । इन ललित कलाओं में संगीत का स्थान सर्वोपरि है । संगीत एक ऐसी विधा है जो मानव चित्त पर विशेष व अमिट छाप छोड़ती है । भारतीय शास्त्रीय संगीत को विश्व के अन्य देशों क Read More : रागों में छुपा है स्वास्थ्य का राज about रागों में छुपा है स्वास्थ्य का राज

रियाज़ कैसे करें

रियाज़ कैसे करें

रियाज़ करने की शुरुआत के लिए आप इस प्रकार से कोशिश करें -
1) संगीत सीखने का सबसे पहला पाठ और रियाज़ ओंकार . 3 महीनो तक आप रोज़ सुबह कम से कम 30 मिनट 'सा' के स्वर में ओंकार का लगातार अभ्यास करें.

2) अगर आप और समय दे सकते हैं तो ओंकार रियाज़ करने के बाद 5 मिनट आराम कर के, सरगम आरोह अवरोह का धीमी गति में 30 मिनट तक रियाज़ करें. जल्दबाजी नहीं करें.

3) सरगम का रियाज़ करते समय स्वर ठीक से लगाने का पूरा ध्यान रखें. अगर स्वर ठीक से नहीं लग रहा है तो बार बार कोशिश करें. संगीत अभ्यास में लगन की जरूरत होती है और शुरुआत में बहुत धीरज और इत्मीनान चाहिए. Read More : रियाज़ कैसे करें about रियाज़ कैसे करें

भारतीय संगीत में आध्यात्मिकता स्रोत

भारतीय संगीत में आध्यात्मिकता स्रोत

भारतीय संगीत मूल रूप में ही आध्यात्मिक संगीत है। भारतीय संगीत को ईश्वर प्राप्ति का मार्ग माना है तो कहीं साक्षात ईश्वर माना गया है। अध्यात्म अर्थात व्यक्ति के मन को ईश्वर में लगाना व व्यक्ति को ईश्वर का साक्षात्कार कराना अध्यात्म कहलाता है संगीत को अध्यात्मिक अभिव्यक्ति का साधन मानकर संगीत की उपासना की गई है। संगीत को ईश्वर उपासना हेतु मन को एकाग्र करने का सबसे सशक्त माध्यम माना गया है। वेदों में उपासना मार्ग अत्यंत सहज तथा ईश्वर से सीधा सम्पर्क स्थापित करने का सरल मार्ग बताया है। संगीत ने भी उपासना मार्ग को अपनाया है। Read More : भारतीय संगीत में आध्यात्मिकता स्रोत about भारतीय संगीत में आध्यात्मिकता स्रोत

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राग परिचय

शास्त्रीय नृत्य
भारतीय नृत्य कला

नाट्य शास्त्रानुसार नृतः, नृत्य, और नाट्य में तीन पक्ष हैं –

राग भीमपलास और भीमपलास पर आधारित गीत

भारतीय शास्त्रीय संगीत का आधार:

पंडित भीमसेन गुरुराज जोशी

जयपुर- अतरौली घराने की देन हैं एक से बढ़कर एक कलाकार

वेद में एक शब्द है समानिवोआकुति

राग परिचय
स्वर मालिका तथा लिपि

रागों मे जातियां

कुछ रागों की प्रकृति इस प्रकार उल्लेखित है-

खर्ज और ओंकार का अभ्यास क्या है ?

स्वन या ध्वनि भाषा की मूलभूत इकाई हैक्या है ?

ठुमरी : इसमें रस, रंग और भाव की प्रधानता होती है

राग रागिनी पद्धति

राग दरबारी कान्हड़ा

राग 'भैरव':रूह को जगाता भोर का राग

रागांग राग वर्गीकरण से अभिप्राय

राग क्या हैं

क्या हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में भगवान शंकर को समर्पित भी है कोई राग?

संगीत में बड़ी ताक़त है - सलीम-सुलेमान

संगीत के स्वर

संगीत और हमारा जीवन
रागों में छुपा है स्वास्थ्य का राज

संगीत का वैज्ञानिक प्रभाव

शास्त्रीय संगीत और योग

कैसे जानें की आप अच्छा गाना गा सकते हैं

रियाज़ कैसे करें

चमत्कार या लुप्त होती संवेदना एक लेख

भारतीय संगीत में आध्यात्मिकता स्रोत

क्या आप भी बनना चाहेंगे टीवी एंकर

वैदिक विज्ञान ने भारतीय शास्त्रीय संगीत'रागों' में चिकित्सा प्रभाव होने का दावा किया है।

संगीत का प्राणि वर्ग पर असाधारण प्रभाव

गले में सूजन, पीड़ा, खुश्की

अल्कोहल ड्रिंक्स - ये दोनों आपके गले के पक्के (पक्के मतलब वाकई पक्के) दुश्मन हैं

छुटकारा पाना है गुस्सा, तनाव से तो सुनिए राग दरबारी और भीमपलासी

जानिए कैसे संगीत से दिमाग़ तेज होता है |

एक हज़ार साल तक बजने वाली धुन

गणित के सुंदर सूत्र, जैसे कोई संगीत जैसे कोई कविता

शास्त्रीय संगीतः जातिवाद का दौर हुआ ख़त्म?

संगीत सुनना सेहत के लिए भी होता है लाभदायक, जानिए कैसे

भारतीय शास्त्रीय संगीत
हारमोनियम के गुण और दोष

निबद्ध- अनिबद्ध गान: व्याख्या, स्वरूप, भेद

संगीत से सम्बन्धित 'स्वर' के बारे में है

गायकी के 8 अंग (अष्टांग गायकी)

संस्कृत में थाट का अर्थ है मेल

ध्वनि विशेष को नाद कहते हैं

भारतीय संगीत

षडजांतर | शास्त्रीय संगीत के जाति लक्षण क्यां है

अलंकार- भारतीय शास्त्रीय संगीत

'राग' शब्द संस्कृत की 'रंज्' धातु से बना है

भारतीय परम्पराओं का पश्चिम में असर

सात स्वर, अलंकार और हारमोनियम

भारतीय संगीत का अभिन्न अंग है भारतीय शास्त्रीय संगीत।

ठुमरी का नवनिर्माण

कर्नाटक और हिंदुस्तानी संगीत में मूलभूत अंतर क्या हैं?

राग की तुलना में भाव सौंदर्य को अधिक महत्वपूर्ण ठुमरी होती है।

प्राचीन काल में तराना को स्टॉप गान के नाम से जाना जाता था

हिंदुस्तानी संगीत के घराने
कैराना का किराना घराने से नाता

गुरु-शिष्य परम्परा

रागदारी: शास्त्रीय संगीत में घरानों का मतलब

मेवाती घराने की पहचान हैं पंडित जसराज

संगीत में विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी
माइक्रोफोन के प्रकार :

माइक्रोफोन का कार्य

नई स्वरयंत्र की सूजन

ऊँची आवाज़ ख़तरनाक भी हो सकती है

टोपी पहनिए और दिमाग से तैयार कीजिए धुन

खुल जाएंगे दिमाग़ के रहस्य

मूड के मुताबिक म्यूज़िक सुनाएगा गूगल

हमारे पूज्यनीय गुरु
उस्ताद बड़े ग़ुलाम अली ख़ां

ओंकारनाथ ठाकुर (1897–1967) भारत के शिक्षाशास्त्री,

बालमुरलीकृष्ण ने कर्नाटक शास्त्रीय संगीत और फिल्म संगीत

ठुमरी गायिका गिरिजा देवी हासिल कर चुकी हैं कई पुरस्कार और सम्मान

अमवा महुअवा के झूमे डरिया

उस्ताद बड़े गुलाम अली खान वाला पटियाला घराना

क्या अलग था गिरिजा देवी की गायकी में

संगीत के लिए सब छोड़ा : सोनू निगम

'संगीत के माध्यम से सेवा करता रहूंगा'

शास्त्रीय गायिका गंगूबाई

लता मंगेशकर ने क्यों नहीं की शादी?

अमिताभ को मिलना चाहिए भारत रत्न: लता

स्वर परिचय
संगीत के स्वर

स्वर मध्यम का शास्त्रीय परिचय

स्वर पञ्चम का शास्त्रीय परिचय

स्वर धैवत का शास्त्रीय परिचय

स्वर निषाद का शास्त्रीय परिचय

स्वर और उनसे सम्बद्ध श्रुतियां

सामवेद व गान्धर्ववेद में स्वर

संगीत रत्नाकर के अनुसार स्वरों के कुल, जाति

समाचार
जब हॉलैंड के राजमहल में गूंजे थे पंडित हरिप्रसाद चौरसिया की बांसुरी से राग जोग के सुर

35 हज़ार साल पुरानी बांसुरी मिली

सुरमयी दुनिया का 'सुर-असुर' संग्राम

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